बात बेवज़ह, उलझी मिसाल की धीमी चाल कानूनी जाल की। बात बेवज़ह, उलझी मिसाल की धीमी चाल कानूनी जाल की।
जिंदगी ऐसी सहेली है। जो हररोज नई पहेली है। जिंदगी ऐसी सहेली है। जो हररोज नई पहेली है।
ये जिंदगी एक पहेली है , तू ढूंढ इसका हल सही। ये जिंदगी एक पहेली है , तू ढूंढ इसका हल सही।
ताउम्र तलाश की ज़िंदगी तेरी... ताउम्र तलाश की ज़िंदगी तेरी...
अगर ज़िंदगी की शाम हो जाये ... अगर ज़िंदगी की शाम हो जाये ...
पहले कभी सोचा नहीं कि अपने लिए भी कभी कुछ करूँ, सोचती हूँ कि अपने हिस्से की जिंदगी अब पहले कभी सोचा नहीं कि अपने लिए भी कभी कुछ करूँ, सोचती हूँ कि अपने हिस्से की ज...